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वाराणसी में पुलिस मुठभेड़ में झारखंड के माओवादी कमांडर ब्रिजेश गंजू की मौत

लेखक की तस्वीर: WTN  News Network
WTN News Network
20 सित॰
1 मिनट पठन

अपडेट करने की तारीख: 21 सित॰

पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार सुबह वाराणसी के पास उत्तर प्रदेश पुलिस की आतंकवाद निरोधक शाखा (ATS) के साथ मुठभेड़ में झारखंड के माओवादी कमांडर ब्रिजेश गंजू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता की मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, घटना वाराणसी के रामनगर इलाके के लंका मैदान में हुई। ब्रिजेश एक सहयोगी के साथ मुगलसराय की ओर जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने गोली चलाई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई।

कौन थे ब्रिजेश गंजू?

ATS सूत्रों ने ब्रिजेश को झारखंड के प्रतिबंधित संगठन तृतीय प्रस्तुति समिति (TPC) का प्रमुख बताया है। TPC को माओवादी धड़े के रूप में वर्णित किया गया है। वह झारखंड के चतरा जिले के लावालोंग थाना क्षेत्र के लुटू गांव के निवासी थे और पुलिस की वांछित सूची में थे, ऐसा अधिकारियों ने बताया।

इनाम और मुठभेड़

रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिजेश की गिरफ्तारी की सूचना देने पर झारखंड सरकार ने 25 लाख रुपये और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अलग से 5 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी। पुलिस के मुताबिक, गोलीबारी में घायल ब्रिजेश को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

ATS सूत्रों के अनुसार, डिप्टी पुलिस अधीक्षक विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण को भी गोलियां लगीं, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट के कारण वे सुरक्षित रहे। ये विवरण पुलिस और ATS के बयानों पर आधारित हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, इससे कुछ दिन पहले कोलकाता पुलिस की STF ने पूर्व मेदिनीपुर के पाटाशपुर से कथित माओवादी नेता आकाश उर्फ असीम मंडल को गिरफ्तार किया था।

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