इलाज से इनकार पर मासूम की मौत, SC ने सुनाया 12 लाख मुआवजे का फैसला, अस्पतालों के लिए बनेंगे राष्ट्रीय दिशा-निर्देश

नई दिल्ली: गाज़ियाबाद के दो निजी अस्पतालों को कुल 12 लाख रुपये का मुआवज़ा देने का निर्देश दिया सुप्रीम कोर्ट ने, जिन पर आरोप है कि गंभीर हालत में भी उन्होंने एक चार साल की बच्ची को भर्ती करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। ऐसे मामलों को रोकने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर दिशा-निर्देश बनाने का भी संकेत दिया शीर्ष अदालत ने।
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई में कहा कि सेंट जोसेफ (मरियम) अस्पताल 10 लाख रुपये और खजान सिंह मानवी हेल्थकेयर 2 लाख रुपये देगा, यह राशि चार हफ्ते के भीतर दिहाड़ी मज़दूर पिता तक पहुंचानी होगी। सुनवाई के दौरान अदालत द्वारा मुआवज़े का प्रस्ताव रखे जाने के बाद दोनों अस्पतालों ने इसे स्वेच्छा से स्वीकार किया।
अदालत में पेश विशेष जांच दल की रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची को दोनों निजी अस्पतालों में जीवित हालत में ले जाया गया था, लेकिन दोनों जगहों से उसे लौटा दिया गया। बाद में एक सरकारी अस्पताल ले जाने पर वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इससे पहले अस्पतालों और संबंधित डॉक्टरों के आचरण की कड़ी आलोचना कर चुकी थी बेंच।
बेंच के सदस्य न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची ने कहा कि समय पर चिकित्सा मिलने से कई गंभीर मामलों में नतीजे काफी बेहतर हो सकते हैं। अदालत ने कहा कि यौन उत्पीड़न पीड़ितों और अन्य चिकित्सा-आपातकाल के मामलों में त्वरित इलाज सुनिश्चित करने के लिए अस्पतालों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी करने का इरादा रखती है।




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