top of page

SRCC में युवाओं के बीच PM मोदी का ‘दिमागी नक्सल’ पर निशाना

लेखक की तस्वीर: WTN  News Network
WTN News Network
6 सित॰
2 मिनट पठन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में युवाओं को केंद्र में रखकर विकसित भारत का विजन सामने रखा। इसी दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक आलोचकों पर निशाना साधते हुए फिर ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया।

मोदी ने लाल किले से 15 अगस्त के अपने भाषण का जिक्र करते हुए ‘दिमागी नक्सल’ को एक तरह की ‘होम्योपैथिक गोली’ बताया और कहा कि उनके अनुसार इससे आलोचकों की सोच और रुख सामने आने लगा। SRCC के मंच से उन्होंने मौजूदा भारत की स्थिति की तुलना पिछले वर्षों की कई बड़ी चुनौतियों से भी की।

Gen-Z के लिए बड़ा संदेश

भाषण में युवाओं की भूमिका पर खास जोर रहा। स्टार्टअप, स्पेस, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कृषि में नवाचार का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि युवा भारत की महत्वाकांक्षा देश की भविष्य की ताकत बन सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीयों द्वारा बनाई गई कंपनियां वैश्विक स्तर पर नेतृत्व कर सकती हैं।

पुराने संकटों का जिक्र

अपने राजनीतिक तर्क को रखते हुए मोदी ने 2013 की केदारनाथ आपदा, 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट और मुंबई आतंकी हमले का उल्लेख किया। उन्होंने कोविड-19 महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध, व्यापार और सप्लाई चेन के दबाव तथा पश्चिम एशिया संकट को भी पिछले दशक की बड़ी चुनौतियों के रूप में गिनाया।

2047 का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को युवाओं से जोड़ा। उन्होंने छात्रों से बड़े लक्ष्य तय करने और अपनी क्षमता, विचारों तथा आत्मविश्वास के जरिए देश की विकास यात्रा में योगदान देने का आह्वान किया।

SRCC में मोदी की वापसी ने 2013 की उनकी पिछली यात्रा की याद भी ताजा कर दी। तब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे और कॉलेज के मंच से दिया गया उनका भाषण राष्ट्रीय राजनीति की दिशा में उनके बड़े संदेशों में गिना गया था। इस बार उसी युवा आउटरीच के साथ विकसित भारत का एजेंडा और विपक्ष पर उनका राजनीतिक हमला भी जुड़ा रहा।

टिप्पणियां


bottom of page