
'दिमागी नक्सल' टिप्पणी पर भड़का बीजेपी-कांग्रेस विवाद, वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस मुख्यालय में भी बवाल

नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'दिमागी नक्सलों' को 'चिन्हित कर अलग-थलग करने' वाली टिप्पणी पर शनिवार को कांग्रेस के साथ तीखी बहस छिड़ गई।
इस टिप्पणी का हवाला देकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे पर निशाना साधा बीजेपी ने, जो लगातार दूसरे साल लाल किले के सरकारी समारोह से नदारद रहे। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इसे 'दिमागी नक्सल इकोसिस्टम' करार दिया, वहीं कांग्रेस ने इस टिप्पणी को 'हताशा का स्पष्ट संकेत' बताकर खारिज किया।
इसके साथ ही एक वायरल वीडियो के आधार पर कांग्रेस के अपने स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में पूरा वंदे मातरम गाने पर आपत्ति जताने का आरोप सोनिया गांधी पर लगाया बीजेपी ने। कांग्रेस ने इससे इनकार करते हुए कहा कि सोनिया सिर्फ उम्र और देर तक खड़े रहने में तकलीफ के चलते खरगे के लिए कुर्सी का इंतज़ाम करने को कह रही थीं।
अलग से महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मोदी के भाषण को खोखला बताते हुए आलोचना की और सरकार से पिछले सालों के भाषणों में किए वादों का हिसाब मांगा।




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