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श्रीभूमि नहीं, इस बार पूजा पर सुजीत बोस रहेंगे जेल में ही, जमानत याचिका खारिज

लेखक की तस्वीर: Rashtrix News Desk
Rashtrix News Desk
3 दिन पहले
2 मिनट पठन

श्रीभूमि नहीं, इस बार पूजा पर सुजीत बोस जेल में ही रहेंगे। नगरपालिका भर्ती भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार राज्य के पूर्व मंत्री सुजीत बोस की जमानत याचिका कलकत्ता हाई कोर्ट ने खारिज कर दी।

दक्षिण दमदम नगरपालिका में भर्ती में अनियमितता! इसके मास्टरमाइंड सुजीत बोस हैं। कलकत्ता हाई कोर्ट में सुजीत की जमानत का विरोध करते हुए ED ने जोरदार दलीलें पेश कीं। करीब 250 करोड़ रुपये से अधिक के इस भ्रष्टाचार में लगभग 20 करोड़ रुपये सुजीत बोस के जरिए आए, हाल ही में उनके खिलाफ दाखिल चार्जशीट में ED ने यह आरोप लगाया है।

जमानत का विरोध करते हुए ED की ओर से दलील दी गई कि सुजीत बोस राजनीतिक रूप से प्रभावशाली हैं और वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।

कोरोना काल में ढाबा बंद, एक साल में 10 करोड़ रुपये की नकद कमाई! नगरपालिका भर्ती भ्रष्टाचार मामले में ED ने सुजीत बोस के खिलाफ सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।

कलकत्ता हाई कोर्ट में सुजीत बोस की जमानत याचिका का विरोध करते हुए ED ने उनके पारिवारिक ढाबा व्यवसाय के कर्मचारियों के बयानों को आधार बनाया।

दलील के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी ने दावा किया कि नगरपालिका भर्ती भ्रष्टाचार मामले में सुजीत बोस के बेटे समुद्र बोस के ढाबा व्यवसाय के वित्तीय लेन-देन संदिग्ध हैं।

ED का दावा है कि कोरोना काल में ढाबा बंद रहने के बावजूद नकद में पैसे आए, जिनकी राशि 10 करोड़ रुपये थी! ED को संदेह है कि यह भ्रष्टाचार का पैसा है। ED के मुताबिक, उक्त ढाबे में काम करने वाले कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में लंबे समय तक ढाबा बंद था और वे घर पर ही रहते थे, वहां कोई काम नहीं हुआ था।

यहीं ED का सवाल है कि बंद ढाबे में 10 करोड़ रुपये का लेन-देन दरअसल भर्ती भ्रष्टाचार का पैसा है, जिसे छिपाने के लिए सुजीत बोस ने उसे व्यवसाय से हुई कमाई के रूप में दिखाया।

यहां तक कि ऐप के जरिए फूड डिलीवरी से 5 लाख रुपये की कमाई होने का हिसाब भी सुजीत के ढाबे के रिकॉर्ड में दिखाया गया है। ED ने इस पर भी संदेह जताया है।

चार्जशीट में ED का आरोप है कि दक्षिण दमदम नगरपालिका में 340 लोगों की नियुक्ति के लिए सुजीत बोस ने सिफारिश की थी। आरोप है कि सुजीत बोस ने प्रत्येक नौकरी के उम्मीदवार से 6 लाख रुपये लिए थे।

सुनवाई के बाद कलकत्ता हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की पीठ ने सुजीत बोस की जमानत याचिका खारिज कर दी।

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