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तृणमूल के नाम-चिह्न विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, आयोग को फैसला लेने के लिए 4 महीने

लेखक की तस्वीर: WTN  News Network
WTN News Network
28 सित॰
1 मिनट पठन

तृणमूल कांग्रेस के पार्टी नाम और पारंपरिक चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को अंतिम फैसला लेने के लिए चार महीने का समय दिया है।

यह समयसीमा ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले समूह के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद के बीच तय की गई है।

चुनाव आयोग ने इससे पहले अंतरिम व्यवस्था के तहत दोनों पक्षों को मूल 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और पारंपरिक 'फूल और घास' चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया था। ममता गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फुटबॉल प्लेयर' चिह्न, जबकि ऋतब्रत गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'लिफाफा' चिह्न दिया गया था।

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा था कि दोनों पक्षों को अपने सबूत रखने का उचित अवसर देते हुए अंतिम निर्णय लेने में कितना समय लगेगा। अदालत ने यह भी कहा था कि कार्यवाही को अनिश्चितकाल तक लंबा नहीं खींचा जाना चाहिए।

यह अंतरिम व्यवस्था नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा उपचुनावों से भी जुड़ी हुई है।

स्रोत: News18 Bangla। रिपोर्ट 28 सितंबर 2026 की है।

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