उत्तरपाड़ा के बाद बेलीघाटा में फिर कुणाल घोष की कार पर हमले का आरोप
उत्तरपाड़ा की घटना के एक दिन बाद कोलकाता के बेलीघाटा में तृणमूल कांग्रेस विधायक कुणाल घोष की कार पर फिर हमले का आरोप लगा है। घोष के मुताबिक, कुछ बाइक सवार उनकी कार का पीछा कर रहे थे और एक कार्यक्रम स्थल के पास वाहन को रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि हथौड़े से कार के शीशे तोड़ने की कोशिश की गई और कुछ लोग रिवॉल्वर लेकर मौजूद थे। इसके बाद वह नारकेलडांगा थाने पहुंचे।
घोष के अनुसार, 27 सितंबर की यह घटना बेलीघाटा के वार्ड 34 में विकास कार्यों की एक जगह देखने जाते समय हुई। उनका आरोप है कि उनकी कार का पीछा किया गया और बाद में कार्यक्रम स्थल के पास रास्ता रोक दिया गया। थाने पहुंचने के बाद उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें बाहर बम और आग्नेयास्त्र लेकर कुछ लोगों के खड़े होने की सूचना मिली थी। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
यह घटना 26 सितंबर की उत्तरपाड़ा के सखेरबाजार इलाके की घटना के बाद सामने आई है। उस समय श्रीरामपुर में ममता बनर्जी की सभा में जाते हुए घोष की कार को रोके जाने का आरोप लगा था। कई रिपोर्टों के मुताबिक, कार पर अंडे, ईंट और पत्थर फेंके गए और शीशे क्षतिग्रस्त हुए। घटना को लेकर राजनीतिक दलों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए गए और पुलिस ने जांच शुरू की।
27 सितंबर की बेलीघाटा घटना में भी घोष ने बीजेपी की राजनीतिक संलिप्तता का आरोप लगाया है। बीजेपी की ओर से आरोप से इनकार किया गया है। ताजा घटना में शामिल लोगों की पहचान और जिम्मेदारी को लेकर अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।




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