पश्चिम बंगाल स्टेट डेटा सेंटर पर रैनसमवेयर हमला, महत्वपूर्ण सरकारी डेटा चोरी होने की खबर
पश्चिम बंगाल स्टेट डेटा सेंटर पर रैनसमवेयर हमले के बाद महत्वपूर्ण सरकारी डेटा के चोरी होने का खतरा सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों ने कुछ डेटा हासिल कर उसे नष्ट करने की धमकी देते हुए फिरौती की मांग की है।
घटना ने राज्य डेटा सेंटर में रखी संवेदनशील सरकारी जानकारी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हमलावरों ने सिस्टम तक कैसे पहुंच बनाई और कितना डेटा उनके हाथ लगा, इसकी जांच की जा रही है।
महत्वपूर्ण सरकारी डेटा निशाने पर
रिपोर्ट में महत्वपूर्ण सरकारी डेटा के प्रभावित होने की बात कही गई है। चोरी किए गए डेटा को नष्ट करने की धमकी के बीच बैकअप, प्रभावित सिस्टम और बाकी डिजिटल संसाधनों की सुरक्षा की समीक्षा महत्वपूर्ण हो गई है।
रैनसमवेयर हमला और जांच
रैनसमवेयर हमलों में आम तौर पर अपराधी कंप्यूटर सिस्टम या डेटा तक अनधिकृत पहुंच बनाकर उसे लॉक या अपने कब्जे में लेते हैं और डेटा बहाल करने, एक्सेस लौटाने या जानकारी सार्वजनिक नहीं करने के बदले पैसे मांगते हैं। पश्चिम बंगाल की घटना में तकनीकी विवरण और नुकसान की पूरी सीमा जांच का विषय है।
सरकारी डिजिटल ढांचे पर चिंता
घटना ने सरकारी डेटा सेंटरों में मजबूत एक्सेस कंट्रोल, नेटवर्क निगरानी, नियमित बैकअप और साइबर-इंसिडेंट से निपटने की तैयारियों की जरूरत को फिर रेखांकित किया है। पश्चिम बंगाल सरकार पहले भी रैनसमवेयर और अन्य साइबर खतरों को लेकर एडवाइजरी जारी कर चुकी है।
कौन-सा डेटा एक्सेस या कॉपी किया गया, क्या किसी सिस्टम की सेवाएं प्रभावित हुईं और डिजिटल ढांचे को सुरक्षित करने के लिए आगे क्या कदम जरूरी हैं, इसकी जांच की जा रही है।




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