TMC से जुड़े तीन बैंक खातों पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने पहले के निर्देश बरकरार रखे
तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े तीन बैंक खातों के मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने अपने पहले के निर्देशों को बरकरार रखा है। यह मामला जांच के दौरान खातों को फ्रीज किए जाने से जुड़ा है।
कोलकाता के सेंट्रल प्लाजा शाखा स्थित HDFC Bank के तीन खातों को बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत के बाद डेबिट-फ्रीज किया गया था। बाद में प्रवर्तन निदेशालय ने अलग जांच शुरू की और उन्हीं तीन HDFC खातों को फ्रीज करने का आदेश जारी किया, ऐसा अदालत के रिकॉर्ड में दर्ज है।
अदालत ने क्या देखा
पहले के एक आदेश में हाई कोर्ट की एक समन्वय पीठ ने दैनिक और मासिक खर्चों के लिए विशेष अधिकारी की निगरानी में इन खातों को संचालित करने की अनुमति दी थी। अदालत ने अंतरिम स्तर पर यह भी कहा था कि शिकायत व्यापक प्रकृति की प्रतीत होती है और तीनों खातों को अचानक फ्रीज करने के आधार के रूप में कोई विशिष्ट सामग्री उस समय स्पष्ट नहीं थी।
मामले की सुनवाई में TMC के याचिकाकर्ताओं और जांच एजेंसियों की दलीलों पर विचार किया गया। याचिकाकर्ता पक्ष ने कहा कि अपराध से प्राप्त धन की विशिष्ट पहचान किए बिना खाते फ्रीज किए गए, जबकि जांच पक्ष ने अपनी जांच और खातों में मिले लेनदेन का हवाला दिया। ये संबंधित पक्षों की दलीलें हैं, इस रिपोर्ट का निष्कर्ष नहीं।
मामले की पृष्ठभूमि
अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, 18 जून 2026 को एक शिकायत दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कथित गैरकानूनी गतिविधियों से आया धन तीन HDFC Bank खातों में जमा किया गया हो सकता है। उसी दिन पुलिस ने FIR दर्ज की और बाद में तीनों खातों को डेबिट-फ्रीज किया गया।
अदालत के रिकॉर्ड में यह भी कहा गया है कि प्रवर्तन निदेशालय ने जांच के दौरान खातों के लेनदेन की पड़ताल की और Prevention of Money-Laundering Act के तहत 7 जुलाई 2026 को फ्रीजिंग आदेश जारी किया। खातों को लेकर कानूनी कार्यवाही अभी जारी है।




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