मिलन प्रधान मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने कहा, फिलहाल निर्देश की जरूरत नहीं
नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान से जुड़े मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने मंगलवार को फिलहाल कोई निर्देश जारी नहीं किया। 2007 के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े कई मामलों में वह इस समय न्यायिक हिरासत में हैं।
अदालत ने कहा कि फिलहाल किसी निर्देश की आवश्यकता नहीं है। प्रधान ने अन्य मामलों में संभावित गिरफ्तारी और जबरन कार्रवाई से सुरक्षा की मांग करते हुए हाई कोर्ट का रुख किया था।
अदालत में क्या हुआ
प्रधान के वकीलों ने कुछ अन्य मामलों में सुरक्षा की मांग की थी। उनका कहना था कि उन मामलों में भी उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। मंगलवार को न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की अदालत में मामला आया।
18 सितंबर को एक पुराने मामले में प्रधान को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद हल्दिया अनुमंडल अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा। एक अन्य मामले में उनकी हिरासत अब 5 अक्टूबर तक बढ़ाई गई है। कांथी अदालत में एक अलग मामला भी लंबित है।
2007 के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े मामले
पुलिस के अनुसार, प्रधान के खिलाफ मामले 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के समय के हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, सबूत मिटाने, अनधिकृत प्रवेश और हथियारों से जुड़े आरोप शामिल हैं। ये मामले में लगाए गए आरोप हैं और इन्हें अदालत द्वारा सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं माना गया है।
नंदीग्राम उपचुनाव का संदर्भ
6 अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में प्रधान कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। प्रचार का अंतिम दिन 4 अक्टूबर है। ऐसे में कानूनी कार्यवाही उपचुनाव की मौजूदा परिस्थितियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है।
22 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार हाई कोर्ट का ताजा रुख है कि फिलहाल मामले में किसी तत्काल निर्देश की जरूरत नहीं है।




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