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भारत में साइबर हमलों से रिकॉर्ड नुकसान! 2026 में औसत लागत साढ़े 25 करोड़ रुपये, एक-चौथाई हमले AI-संचालित: IBM

लेखक की तस्वीर: Rashtrix News Desk
Rashtrix News Desk
9 अग॰
1 मिनट पठन

मुंबई: 2026 में भारत में डेटा ब्रीच से होने वाला औसत नुकसान बढ़कर रिकॉर्ड 25.5 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल के 22 करोड़ रुपये से 15.9 प्रतिशत ज़्यादा है। यह जानकारी IBM की 2026 कॉस्ट ऑफ ए डेटा ब्रीच रिपोर्ट में सामने आई है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हुए दुर्भावनापूर्ण साइबर हमलों में से 26 प्रतिशत अब AI-जनित हैं, जो दिखाता है कि हमलावर साइबर हमलों को तेज़ और बड़े पैमाने पर अंजाम देने के लिए किस तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। एक घटना में औसतन करीब 39,500 रिकॉर्ड्स लीक हुए, जो 2025 के 38,200 से ज़्यादा है। सबसे ज़्यादा असर वित्तीय सेवा क्षेत्र पर पड़ा, जहां औसत नुकसान 40.9 करोड़ रुपये रहा।

जिन संस्थानों में AI या सुरक्षा स्वचालन नहीं है, उन्हें औसतन 31.6 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा, जबकि व्यापक रूप से AI अपनाने वाले संस्थानों का नुकसान 21.3 करोड़ रुपये तक सीमित रहा। फिर भी भारत के केवल 32 प्रतिशत संस्थानों ने व्यापक रूप से AI-संचालित सुरक्षा उपाय अपनाए हैं।

IBM इंडिया एंड साउथ एशिया के वाइस प्रेसिडेंट गौरव अग्रवाल ने कहा कि भारत में तेज़ी से बढ़ रहा AI अपनाना जहां नवाचार के नए अवसर पैदा कर रहा है, वहीं साइबर खतरों को भी तेज़ी से विकसित होने में मदद कर रहा है।

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