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पश्चिम बंगाल के सरकारी कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी में विधायक-सांसद, राजनीतिक हस्तक्षेप पर उठे सवाल

लेखक की तस्वीर: Rashtrix News Desk
Rashtrix News Desk
22 अग॰
1 मिनट पठन

पश्चिम बंगाल सरकार ने सरकारी और सरकार से सहायता प्राप्त कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष पद पर विधायकों और सांसदों को नियुक्त करने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद उच्च शिक्षा में राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर नए सवाल उठे हैं।

नोटिफिकेशन में क्या कहा गया

शिक्षा विभाग की अधिसूचना में कई सरकारी और सरकार से सहायता प्राप्त कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के नाम दिए गए हैं। सूची में ऐसे प्रतिनिधि भी शामिल हैं जिनके निर्वाचन क्षेत्र और संबंधित कॉलेज का स्थान अलग है।

पश्चिम बंगाल के कॉलेजों में राजनीतिक प्रतिनिधियों की नियुक्ति से जुड़ी खबर, प्रतिनिधि तस्वीर

क्यों अहम है फैसला

इस फैसले पर इसलिए भी ध्यान गया है क्योंकि राज्य सरकार पहले कॉलेज प्रशासन में राजनीतिक प्रतिनिधित्व कम करने की बात कह चुकी थी। कई संस्थानों की गवर्निंग बॉडी भंग कर वहां प्रशासक नियुक्त किए गए थे।

शिक्षा और राजनीति पर बहस

नियुक्तियों के बाद उच्च शिक्षा संस्थानों की प्रशासनिक स्वायत्तता और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर बहस फिर सामने आ गई है। नई गवर्निंग बॉडी किस तरह काम करती हैं और कॉलेज प्रशासन पर उनका क्या असर पड़ता है, इस पर अब नजर रहेगी।

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