ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका पर जल्द सुनवाई को सुप्रीम कोर्ट तैयार
सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाली याचिका पर जल्द सुनवाई के लिए सहमति जताई है। मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया गया।
द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, बिहार के याचिकाकर्ता राकेश कुमार सिंह की याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग के कई फैसले अन्य दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की सहमति या भागीदारी के बिना लिए गए। मामले की सुनवाई अगले सप्ताह तीन न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष होने की संभावना है।
याचिका में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव संबंधी शक्तियां चुनाव आयोग को एक बहु-सदस्यीय संस्था के रूप में प्राप्त हैं। इसमें Chief Election Commissioner and Other Election Commissioners Act, 2023 की धारा 18 का भी हवाला दिया गया है, जिसके तहत आयोग का काम जहां संभव हो सर्वसम्मति से और मतभेद की स्थिति में बहुमत से किए जाने का प्रावधान है।
याचिकाकर्ता ने अक्टूबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच दोनों अन्य चुनाव आयुक्तों द्वारा कथित तौर पर दर्ज की गई कम से कम 14 आपत्तियों का उल्लेख किया है। ये आरोप अभी न्यायिक जांच के अधीन हैं और इनके कानूनी प्रभाव का निर्धारण अदालत के समक्ष रखे गए रिकॉर्ड और दलीलों के आधार पर होगा।
याचिका में मतदाता सूची के राष्ट्रव्यापी Special Intensive Revision यानी SIR से जुड़े कुछ फैसलों की वैधता पर भी सवाल उठाए गए हैं। चुनाव आयोग ने कहा है कि उसके फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे और आंतरिक पत्राचार की व्याख्या को लेकर अलग दावा किया जा रहा है।
स्रोत: Anandabazar.com। 29 सितंबर 2026 के द इंडियन एक्सप्रेस अपडेट से ताजा प्रक्रियात्मक जानकारी का भी क्रॉस-चेक किया गया है।




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