SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अभियोजन और जांच की मांग
मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) से जुड़े फैसलों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में कथित वैधानिक उल्लंघनों को लेकर आपराधिक कार्रवाई और जांच की मांग की गई है।
अधिवक्ता शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी की ओर से दायर याचिका में आरोप है कि अन्य दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए फैसलों, दिशानिर्देशों और सॉफ्टवेयर बदलावों को असंवैधानिक और निरस्त घोषित किया जाए।
याचिका में Representation of the People Act, 1950 की Section 32 के तहत ज्ञानेश कुमार और अन्य अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर अभियोजन शुरू करने की मांग की गई है।
याचिकाकर्ता ने SIR के दौरान ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने के आरोप की जांच के लिए SIT या न्यायिक जांच आयोग गठित करने की भी मांग की है।
यह याचिका उन रिपोर्टों के बाद आई है जिनमें चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की SIR से जुड़े फैसलों पर कई आपत्तियों का उल्लेख किया गया था। चुनाव आयोग ने कहा है कि अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे और आंतरिक टिप्पणियां संस्थागत विचार-विमर्श का हिस्सा हैं।
स्रोत: आनंदबाजार पत्रिका। अतिरिक्त संदर्भ: LiveLaw और The New Indian Express.




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