top of page

जनगणना ड्यूटी में शिक्षकों की नियुक्ति पर कलकत्ता हाई कोर्ट फिर नाराज

लेखक की तस्वीर: Rashtrix News Desk
Rashtrix News Desk
19 अग॰
1 मिनट पठन
जनगणना ड्यूटी में शिक्षक

कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में जनगणना से जुड़े कामों में स्कूल शिक्षकों की तैनाती को लेकर फिर चिंता जताई है। अदालत ने सवाल उठाया है कि शिक्षकों को उनके मुख्य शिक्षण दायित्व से अलग इतने बड़े प्रशासनिक काम में लगाने के फैसले के पीछे क्या प्रक्रिया अपनाई गई।

शिक्षकों की ड्यूटी क्यों लगाई जा रही है?

जनगणना के लिए बड़े और प्रशिक्षित मानवबल की जरूरत होती है। इसलिए प्रशासन अलग-अलग विभागों से कर्मचारियों की मदद लेता है। लेकिन पश्चिम बंगाल में शिक्षकों की तैनाती से नियमित पढ़ाई और स्कूल प्रशासन पर असर को लेकर सवाल उठे हैं।

अदालत किन बातों पर विचार कर रही है?

अदालत यह जानना चाहती है कि शिक्षकों की तैनाती किस प्रक्रिया से की गई और शिक्षा व्यवस्था की व्यावहारिक जरूरतों पर कितना ध्यान दिया गया। इसमें केंद्र और राज्य स्तर के बीच समन्वय का सवाल भी शामिल है।

आगे क्या होगा?

मामले में प्रशासन से और स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। व्यापक सवाल यह है कि जनगणना जैसे जरूरी राष्ट्रीय काम को स्कूलों की नियमित शैक्षणिक गतिविधियों को अनावश्यक रूप से बाधित किए बिना कैसे पूरा किया जाए।

टिप्पणियां


bottom of page