top of page

2000 रुपये से अधिक UPI लेनदेन पर चार्ज: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के फैसले पर रोक से किया इनकार

लेखक की तस्वीर: WTN  News Network
WTN News Network
28 सित॰
1 मिनट पठन

अपडेट करने की तारीख: 29 सित॰

सुप्रीम कोर्ट ने 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा UPI लेनदेन पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू करने के केंद्र के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है।

आनंदबाजार की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को अदालत ने नई UPI शुल्क व्यवस्था पर अंतरिम रोक की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने केंद्र, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस भी जारी किया।

नई व्यवस्था के तहत 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा person-to-merchant (P2M) UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये तक सीमित रहेगा।

रेलवे, टेलीकॉम, बीमा और ईंधन जैसे कुछ क्षेत्रों में 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर 5 रुपये का फ्लैट MDR लागू होगा। person-to-person (P2P) UPI ट्रांसफर इस नए शुल्क के दायरे में नहीं हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से हलफनामे के जरिए नए शुल्क के आधार और कानूनी स्वरूप की जानकारी देने को कहा है। केंद्र ने अदालत को बताया कि करीब 96 प्रतिशत UPI लेनदेन नई शुल्क व्यवस्था से बाहर रहेंगे।

नई MDR व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होने वाली है।

स्रोत: आनंदबाजार पत्रिका। रिपोर्ट 28 सितंबर 2026 की है।

टिप्पणियां


bottom of page